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Safar Mein Kahin #Filmmaking

  सफर में कहीं.. 🌻🎬 #filmmaking #mainshunyahisahi  #Rahulabhua

कहानी में तुम - राहुल अभुआ

कुछ कहानियाँ जब सिर्फ़ कहानियाँ होती हैं, तो और भी ख़ूबसूरत लगती हैं। कहानी में तुम्हें कंगन-बालियाँ पहना सकता हूँ, कहानी में तुमसे घंटों बतिया सकता हूँ। अगर उसमें खो भी जाऊँ, तो लिख सकता हूँ कैसे, कहाँ, तुम मुझे फिर से पा सकती हो। कम से कम कहानी में तो तुम बिना झिझक मुझे देख सकोगी, मुझसे कह सकोगी… कुछ और कहो। और हाँ, जब एक कहानी दूसरी से कहे— “मुझे भी एक कहानी सुनाओ,” तो वो दोनों मिलकर एक नई कहानी बुन रही होती हैं। ज़िन्दगी 23 का पहाड़ा नहीं, TWO की TABLE है जो गुणा होगी तो EVEN ही बनायेगी, ODD नहीं.. (अगली किताब का हिस्सा) 🌻 #kahani #rahulabhua #rahul #abhua #mainshunyahisahi #poetry #hindi 

Jacket - Poetry | Rahul Abhua

They once wore my jacket with pride, Now another cloak they choose to abide. A jacket emerges when winters descend, But winters change, and seasons blend. With time, as winters shift their guise, The jacket, too, must bid goodbyes. - Rahul Abhua (Book: Main Shunya Hi Sahi)

सुनो, वो लड़की है किधर - राहुल अभुआ

सुनो, वो लड़की है किधर? जो शराब के प्याले चियर्स कर रातों को देश बचाने जाती थी फिर नशा उतरते ही ख़ुद को ख़ाली बंजर जो पाती थी जो झूठ ओढ़ हर मैल लिए Women power चिल्लाती थी जो एक जगह से दूजी जगह बस मन बहलाने जाती थी जो छल्ले बना, कई बाहों में Freedom का गाना गाती थी जो हाथ जोड़ और नाक रगड़ तुम्हे अपना बनाना चाहती थी  फिर यार नए संग अपनी हर पहचान मिटाना चाहती थी जो कहकर ख़ुद को आज़ाद रूह हर जिस्म को पाना चाहती थी अपने दिल का सब ख़ालीपन Insta पे छुपाना चाहती थी वो है कहाँ अब खोजो तो निर्भया, साक्षी और कइयों को जो न्याय दिलवा दिया हो तो अमाँ, अब कोई उसको पूछो तो हाँ वो, ख़ाली कुर्सी, सुनसान सड़क अब ढूँढों उसे वो गई किधर है कहाँ अभी वो शाम सहर सुनो, वो लड़की अब है किधर? - राहुल अभुआ | (किताब: मैं शून्य ही सही)

माथे का चुम्बन - हिंदी कविता - राहुल अभुआ

  रात की चाहत होती है माथे का चुम्बन जो हल्की आंच की तरह जलते बदन का सहारा हो सारी रात, उजले दिन को चाहिए होती है छुहन हाथों की जैसे पानी पर लिखावट की तासीर खो जाती है वैसे ही खो जाते हैं उजले दिन, महकती शामें और सर्द रातें जो नहीं खोते वो हैं - माथे का चुम्बन, हाथों की गर्म छुहन और रातों को जागकर देखे सितारे  - राहुल अभुआ #romance #love #poetry #mainshunyahisahi #rahulabhua #kavitaye 

मज़हब नहीं सिखाता रंगों में बैर करना - राहुल अभुआ

 ऐ रंगों को धर्मों में बाँटने वालो है कुछ सवाल मेरे जवाब तो दे दो हरा हो या गेरुआ जो भेद तुमने किया गर बपौती थी तुम्हारी  तो हरा उनको क्यों दिया? और दे भी दिया तो पूरा छीन लो करो रंग सारे अपने  झूमरू बन घूम लो ये बात कब तुम्हारी छोटी समझ में आएगी मज़हब नहीं सिखाता कम से कम रंगों में बैर करना - राहुल अभुआ - #humanity #poetry #prose #india #bharat #nationfirst #communal 

ना-क़ाबिले-बर्दाश्त को बर्दाश्त क्यूँ करें - राहुल अभुआ

ना-क़ाबिल-ए-बर्दाश्त को बर्दाश्त क्यूँ करें अब हमने सोच लिया तुमको माफ़ क्यूँ करें तुम वो हो जो हर साल में यार बदलते हो सरकारी कुर्सी का इस्तेमाल हम क्यूँ करें जिस घर में डेरा हो कई मुसाफ़िरों का उस उजाड़ घर में कारोबार हम क्यूँ करें - राहुल अभुआ (किताब: मैं शून्य ही सही) #shayari #sher #poetry #mainshunyahisahi #loyalty #cheating #opportunists #pseudowoke #kavita #rahulabhua  - राहुल अभुआ (किताब: मैं शून्य ही सही) #shayari #sher #mainshunyahisahi #loyalty #opportunists #cheating #poetry #rahulabhua