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मज़हब नहीं सिखाता रंगों में बैर करना - राहुल अभुआ

 ऐ रंगों को धर्मों में बाँटने वालो

है कुछ सवाल मेरे जवाब तो दे दो

हरा हो या गेरुआ जो भेद तुमने किया

गर बपौती थी तुम्हारी 

तो हरा उनको क्यों दिया?

और दे भी दिया तो पूरा छीन लो

करो रंग सारे अपने 

झूमरू बन घूम लो

ये बात कब तुम्हारी

छोटी समझ में आएगी

मज़हब नहीं सिखाता

कम से कम रंगों में बैर करना

- राहुल अभुआ -


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