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सुनो, वो लड़की है किधर - राहुल अभुआ

सुनो, वो लड़की है किधर? जो शराब के प्याले चियर्स कर रातों को देश बचाने जाती थी फिर नशा उतरते ही ख़ुद को ख़ाली बंजर जो पाती थी जो झूठ ओढ़ हर मैल लिए Women power चिल्लाती थी जो एक जगह से दूजी जगह बस मन बहलाने जाती थी जो छल्ले बना, कई बाहों में Freedom का गाना गाती थी जो हाथ जोड़ और नाक रगड़ तुम्हे अपना बनाना चाहती थी  फिर यार नए संग अपनी हर पहचान मिटाना चाहती थी जो कहकर ख़ुद को आज़ाद रूह हर जिस्म को पाना चाहती थी अपने दिल का सब ख़ालीपन Insta पे छुपाना चाहती थी वो है कहाँ अब खोजो तो निर्भया, साक्षी और कइयों को जो न्याय दिलवा दिया हो तो अमाँ, अब कोई उसको पूछो तो हाँ वो, ख़ाली कुर्सी, सुनसान सड़क अब ढूँढों उसे वो गई किधर है कहाँ अभी वो शाम सहर सुनो, वो लड़की अब है किधर? - राहुल अभुआ | (किताब: मैं शून्य ही सही)

माथे का चुम्बन - हिंदी कविता - राहुल अभुआ

  रात की चाहत होती है माथे का चुम्बन जो हल्की आंच की तरह जलते बदन का सहारा हो सारी रात, उजले दिन को चाहिए होती है छुहन हाथों की जैसे पानी पर लिखावट की तासीर खो जाती है वैसे ही खो जाते हैं उजले दिन, महकती शामें और सर्द रातें जो नहीं खोते वो हैं - माथे का चुम्बन, हाथों की गर्म छुहन और रातों को जागकर देखे सितारे  - राहुल अभुआ #romance #love #poetry #mainshunyahisahi #rahulabhua #kavitaye 

मज़हब नहीं सिखाता रंगों में बैर करना - राहुल अभुआ

 ऐ रंगों को धर्मों में बाँटने वालो है कुछ सवाल मेरे जवाब तो दे दो हरा हो या गेरुआ जो भेद तुमने किया गर बपौती थी तुम्हारी  तो हरा उनको क्यों दिया? और दे भी दिया तो पूरा छीन लो करो रंग सारे अपने  झूमरू बन घूम लो ये बात कब तुम्हारी छोटी समझ में आएगी मज़हब नहीं सिखाता कम से कम रंगों में बैर करना - राहुल अभुआ - #humanity #poetry #prose #india #bharat #nationfirst #communal 

ना-क़ाबिले-बर्दाश्त को बर्दाश्त क्यूँ करें - राहुल अभुआ

ना-क़ाबिल-ए-बर्दाश्त को बर्दाश्त क्यूँ करें अब हमने सोच लिया तुमको माफ़ क्यूँ करें तुम वो हो जो हर साल में यार बदलते हो सरकारी कुर्सी का इस्तेमाल हम क्यूँ करें जिस घर में डेरा हो कई मुसाफ़िरों का उस उजाड़ घर में कारोबार हम क्यूँ करें - राहुल अभुआ (किताब: मैं शून्य ही सही) #shayari #sher #poetry #mainshunyahisahi #loyalty #cheating #opportunists #pseudowoke #kavita #rahulabhua  - राहुल अभुआ (किताब: मैं शून्य ही सही) #shayari #sher #mainshunyahisahi #loyalty #opportunists #cheating #poetry #rahulabhua

वो मुहब्बत की दुकान है

वो मुहब्बत की दुकान है, वो दुकान जहां कोई फकीर झोला उठाए आए तो खाली हो कर जाता है - राहुल अभुआ -  #loyalty #opportunist #pseudo #woke #cheating #mainshunyahisahi #romance 

वो शरीफ हसीना बिक जाया करती थी - राहुल अभुआ

हमने सपने साथ देखे थे मिलकर कभी चाहता तो ज़िंदगी साथ गुज़र सकती थी उसमे ख़ामी ये थी कोई मिले चंद बातें कर ले वो शरीफ़ हसीना बिक जाया करती थी - राहुल अभुआ - #shayari #kavita #opportunist #cheating #loyalty #quotes #mainshunyahisahi