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ये freedom नहीं नीचता है - लेख

जो भी कम-अक्ल मानसिक रूप से छोटे लोग इस बच्ची का मज़ाक बना रहे हैं उन सभी से बस इतना कहना चाहता हूं 'जाओ और खुद को आंको', सस्ते इंटरनेट की आड़ में जहां बस troll करना ही इकलौता काम है तुम छोटी सोच वालों का, कम से कम ये तो सोचो इस बच्ची ने क्या ये सब नहीं सहा होगा? उस सब भद्दी और फूहड़ता को सुने अनसुने किए उसने जो कामयाबी हासिल की क्या ये नहीं बताती की उस बच्ची की सोच तुम सब troll करने वालो के लिए एक जवाब है।
हम इंसानियत को पीछे छोड़कर आखिर जा कहां रहे हैं? सोचिए।

Proud of you Sister ❤️
Thank you for making all Indians proud ❤️


#PrachiNigam #UPresults #10thResult #results 

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कहीं नहीं जाना है - लेख

  “मैं कहीं नहीं से आया हूँ और मुझे इसके बाद कहीं नहीं जाना है” इस नीले ग्रह पर मेरा, तुम्हारा, सभी का होना एक सच्चाई है या किसी के मन की कल्पना भर, यह खोज का विषय हो सकता है लेकिन इससे पहले हम कहाँ थे या इसके बाद कहाँ होंगे अब यह सवाल excite नहीं करता। दोनों ही सूरतों में इस नीले ग्रह पर (रफ़ी साहब और उनके गीतों के अलावा) दो ही चीज़ें ऐसी हैं जो सुकून देती हैं पहली वो ‘चाँद’, जो कब, कहाँ और कितना दिखाई देगा, इसका अंदाज़ा लगा पाना मुश्किल है, बिलकुल इस अनंत ब्रह्मांड की तरह और दूसरी आपकी मुस्कान जो शायद सामने वाले को उसकी ज़िंदगी में चल रहे उतार-चढ़ाव को कुछ पलों के लिए भूल जाने में मदद कर सकती है, जिस तरह चाँद इस अनंत ब्रह्मांड के गहरे कालेपन में एक प्रकाश भर देता है (कुछ समय के लिए ही सही), वैसे ही चेहरे की मुस्कान भी किसी की आत्मा के खालीपन में कुछ उजाला भर सकती है। मुस्कुराइए ताकि आप इस दुनिया के रंगों में अपनी रोशनी मिला सकें। 🌻

एकांत साथ है - राहुल अभुआ

अकेला नहीं हूँ मेरे संग  तुम पर लिखी कविताएँ, कुछ किताबें और मेरा एकांत है। (किताब: मैं शून्य ही सही)

अगर सब तय है तो - हिंदी कविता

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