मुझे जगाने के लिए शुक्रिया
सो रहा था कबसे
आंखें मूंदे, दिमाग़ बंद किये!
ये जो हुआ
था ज़रूरी बड़ा
सोता ही रहता तो कल बदरंग होता
आज जागा हूं
तुम्हारा शुक्रिया..|
- राहुल अभुआ (17-12-2023)
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