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पगडंडियां - राहुल अभुआ


रास्तो का चुनाव महत्वपूर्ण है
हम अक्सर छोटी टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडियां
छोड़कर एक ऐसे रास्ते को थाम लेते हैं
जो सुखद लगता है, 
जिनकी चिकनी रोशनदार सड़कें पहले तो
यात्रा के व्यवस्थित होने का संकेत देती हैं
पर उस पर घन्टों चलने के बाद
हम सवाल करने लगते हैं उस मोड़ पर किये
अपने एक ग़लत चुनाव का।
चुनिये असहज रास्ते नहीं, छोटी पगडंडियां
जिनपर मिलेंगे काँटों के बीच से झाँकते कुछ फूल
जो खुशबू दें न दें 
पर आपके थकान भरे चेहरे पर
मुस्कान ज़रूर ला देंगे
देर शाम को जब प्रकृति अँधेरा ओढ़ चुकी होगी
तब इस पगडंडी पर आपका साथ देंगे वो जुगनू
जो इन रास्तों पर ख़ास आप जैसे किसी यात्री 
का इंतज़ार कर रहे थे,
सड़कें, बड़े रास्ते बुरे नहीं
लम्बे रास्तों पर लम्बे वक़्त तक 
असहजता से घिरे रहना
आपको सफर में कहीं नहीं ले जाता
छोटी पगडंडियाँ कठोर सही पर
ले जाती हैं आपको आपनी मंज़िल तक..
- राहुल अभुआ ✍️ | मैं शून्य ही सही 

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